सरकार ने पावर सेक्टर में बड़े बदलाव किए हैं। मंगलवार देर रात सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए यूपीसीएल और यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशकों को उनके पदों से हटा दिया। सरकार ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के एमडी का चार्ज जीएस बुधियाल और जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) की जिम्मेदारी एके सिंह को दी है। इसके आदेश प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम ने जारी किए। बता दें कि यूजेवीएनएल के एमडी संदीप सिंघल का कार्यकाल जून और यूपीसीएल के एमडी अनिल यादव का दो साल का सेवा विस्तार अक्टूबर तक था।
मूल रूप से जल विद्युत निगम में जीएम पद पर कार्यरत जीएस बुधियाल को पहले पिटकुल में प्रभारी प्रबंध निदेशक का दायित्व दिया गया था और अब उन्हें यूपीसीएल का भी प्रभारी एमडी बना दिया गया है। वहीं, जल विद्युत निगम के निदेशक (ऑपरेशन) एके सिंह को प्रभारी एमडी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जारी आदेश में सरकार ने स्पष्ट किया कि ये सभी नियुक्तियां अस्थायी हैं और नियमित नियुक्ति होने तक प्रभावी रहेंगी। जल्द इन पदों पर स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अलावा, यूपीसीएल के निदेशक (परियोजना) अजय अग्रवाल को भी पद से हटा दिया गया है। वह भी सेवा विस्तार पर कार्यरत थे।



उत्तराखंड में सरकार ने पावर सेक्टर में 18 दिन के भीतर तीन प्रबंध निदेशक बदल दिए हैं। 27 फरवरी को पिटकुल एमडी पीसी ध्यानी को हाईकोर्ट के आदेश के बाद हटाया गया था। इधर, सरकार ने सचिव युगल किशोर पंत से सिंचाई विभाग का चार्ज हटा दिया है। अब उनके पास सैनिक कल्याण की जिम्मेदारी रहेगी। कार्मिक विभाग ने इसके आदेश जारी किए हैं। अब प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ही सिंचाई विभाग का चार्ज देखेंगे।
सरकार ने बीकेटीसी के सीईओ विजय थपलियाल को भी पद से हटा दिया गया है। उन्हें उनके मूल विभाग मंडी में वापस भेज दिया गया है। मंदिर समिति से जुड़े विवादों के बाद शासन स्तर से ये कार्रवाई की गई है। केदारनाथ धाम की रूप छड़ी के राज्य से बाहर जाने पर लगातार विवाद खड़ा हो रखा था। इसके साथ ही बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय की ओर से भी लगातार शासन स्तर पर शिकायत की जा रही थी। इन विवादों के बाद मंगलवार देर शाम विजय थपलियाल को हटाए जाने के आदेश किए गए।
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