उत्तराखंडके जनपद नैनीताल अंतर्गत हल्द्वानी के समीपवर्ती टांडा के सघन जंगलों में हाथियों के प्राणघातक हमले का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। रामपुर रोड स्थित इस वन क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने दो व्यक्तियों को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मार्मिक मृत्यु हो गई है। इस हृदयविदारक घटना के उपरांत समूचे क्षेत्र में वनराज और मानवों के मध्य बढ़ते संघर्ष को लेकर भारी दहशत व्याप्त है
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को टांडा जंगल क्षेत्र में हाथियों की उपस्थिति के मध्य दो व्यक्ति इनके समीप आ गए। इससे पूर्व कि वे सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर पाते, हाथियों ने उन पर हमला कर उन्हें पैरों तले रौंद दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस प्रशासन तत्काल प्रभाव से मौके पर पहुँच गए हैं। वन विभाग के अधिकारी वर्तमान में मृतकों की शिनाख्त और घटना के वास्तविक कारणों की सूक्ष्मता से जाँच कर रहे हैं
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज स्थित शाह पठानी खत्ता क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई, जिससे क्षेत्र में भय और दहशत का वातावरण व्याप्त है। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों व्यक्तियों को हाथी ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतकों में एक की पहचान बांधो प्रजापति (75) निवासी हुंकारखाप, जबड़ा, जिला चतरा झारखंड के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, जिसे विक्षिप्त बताया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित सैनी, प्रभारी निरीक्षक लालकुआं ब्रजमोहन सिंह राणा तथा वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है तथा आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
टांडा और रामपुर रोड से सटे इलाकों में हाथियों की निरंतर आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने उच्च स्तरीय चेतावनी जारी की है। प्रभागीय वनाधिकारी ने जनसाधारण से अपील की है कि वे वर्तमान परिस्थितियों में वनों के भीतर जाने से पूर्णतः परहेज करें। पुलिस ने दोनों शवों को अधिकार में लेकर अंत्यपरीक्षण हेतु भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में शोक की लहर है। परिजनों ने वन विभाग से उचित मुआवजे की मांग की है, जिस पर विभाग द्वारा नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
हल्द्वानी के बाहरी क्षेत्रों में हाथियों द्वारा किए गए इस हमले ने वन्यजीव सुरक्षा और मानव बस्तियों की सुरक्षा पर पुनः गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि टांडा जंगल में हाथियों की बढ़ती सक्रियता के कारण आवाजाही जोखिमपूर्ण हो गई है। प्रशासन अब इस दिशा में ठोस कदम उठाने और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया में जुटा है।
